
जबकि घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट देखी गई, वहीं अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस पावर का प्रदर्शन अलग ही कहानी बयां करता नजर आया। सेंसेक्स जहां करीब 500 अंकों की गिरावट के साथ नीचे लुढ़का, वहीं रिलायंस पावर का शेयर करीब 3% की बढ़त के साथ ऊंचाई पर पहुंचा।
📊 क्या है तेजी की वजह?
रिलायंस पावर ने विदेशों में 1,500 मेगावाट की गैस आधारित परियोजनाओं के लिए बोली लगाई है। खास बात यह है कि कंपनी ने कुवैत, यूएई और मलेशिया में इस तरह की परियोजनाओं के लिए अपनी दावेदारी पेश की है। यही नहीं, कंपनी को हाल ही में भूटान में दो बड़ी बिजली परियोजनाएं भी मिली हैं:
500 मेगावाट की सोलर परियोजना
770 मेगावाट की हाइड्रो परियोजना
यह भूटान की सबसे बड़ी विदेशी निवेश परियोजनाओं में से एक मानी जा रही है।
💹 शेयर ने कैसे किया प्रदर्शन?
रिलायंस पावर का शेयर 71.70 रुपये तक पहुंचा, जो दिन की सबसे ऊंची कीमत थी।
पिछले 5 कारोबारी सत्रों में इसमें करीब 13% की बढ़त देखी गई।
दोपहर करीब 2 बजे कंपनी का शेयर 69.45 रुपये पर कारोबार कर रहा था, जबकि सेंसेक्स 490 अंकों की गिरावट के साथ 83,568.02 पर पहुंच गया।
इस शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 76.49 रुपये है, जो हाल ही में 11 जून को दर्ज किया गया।
वहीं, इसका न्यूनतम स्तर 25.76 रुपये है।
🏗 कंपनी की आगामी योजनाएं
रिलायंस पावर का लक्ष्य 1,500 मेगावाट की अंतरराष्ट्रीय गैस आधारित परियोजना स्थापित करना है। कंपनी इसके लिए विभिन्न देशों में बोली प्रक्रिया में भाग ले रही है। साथ ही, भूटान में हासिल की गई परियोजनाओं से कंपनी को 2,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है। इसके लिए वो एसेट मॉनिटाइजेशन मॉडल का सहारा ले सकती है।
📈 मुनाफे में बदलाव
पिछले वित्तीय वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी ने 126 करोड़ रुपये का लाभ दर्ज किया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में 397 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। यह बदलाव कंपनी के लिए बड़े फाइनेंशियल टर्नअराउंड का संकेत है।