
जब इरादे मजबूत हों और मेहनत का साथ हो, तो मंजिलें दूर नहीं रहतीं। पंजाब के कपूरथला निवासी कमलप्रीत सिंह ने इसी बात को सच कर दिखाया है। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की रॉयल एयर फोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर (एयरोनॉटिकल इंजीनियर) के पद पर नियुक्त होकर अपने सपनों को पंख दिए हैं।
📘 शुरुआत छोटे शहर से, उड़ान बड़े सपनों की
कमलप्रीत की शुरुआती पढ़ाई कपूरथला के सेंट्रल स्कूल और आर्मी स्कूल से हुई। इसके बाद उन्होंने जालंधर के DAVIET कॉलेज से इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। करियर की शुरुआत उन्होंने गोइंदवाल के एक पावर प्लांट में इंजीनियर के रूप में की।
✈️ ऑस्ट्रेलिया का सफर और सच्चाई में बदला सपना
2017 में कमलप्रीत वर्क परमिट पर ऑस्ट्रेलिया गए और वहां एक निजी कंपनी में सात साल तक काम किया। इस दौरान उन्होंने मेहनत और लगन से खुद को साबित किया। दो साल पहले उन्हें स्थायी निवास (PR) मिला और फिर वे ऑस्ट्रेलियाई नागरिक बन गए।
🎖️ ऑफिसर ट्रेनिंग और नई पहचान
ऑस्ट्रेलिया की विक्टोरिया स्टेट में स्थित ऑफिसर ट्रेनिंग स्कूल में उन्होंने कठिन प्रशिक्षण लिया और इनिशियल ऑफिसर कोर्स पास कर फ्लाइंग ऑफिसर की रैंक हासिल की। यह उपलब्धि उनके परिवार के लिए गर्व का पल बन गई।
🫡 सेना की पारिवारिक परंपरा को आगे बढ़ाया
कमलप्रीत बताते हैं कि बचपन से ही सेना में शामिल होने का सपना था, जो अब पूरा हुआ है। उनके पिता ने भी यह बताया कि कमलप्रीत कभी भी अपने लक्ष्य से नहीं डिगे। उनके बड़े भाई सरबजीत सिंह पहले से ही न्यू साउथ वेल्स पुलिस विभाग में एक दशक से अधिक समय से सेवा दे रहे हैं।
🌟 समुदाय के लिए प्रेरणा का स्रोत
कमलप्रीत की इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार को गौरवांवित किया, बल्कि उनके इलाके कपूरथला में उत्सव का माहौल बन गया। दोस्तों, रिश्तेदारों और स्थानीय नागरिकों ने उन्हें बधाइयाँ दीं। उनकी कहानी आज के युवाओं के लिए एक प्रेरक मिसाल बन गई है कि मेहनत, अनुशासन और उद्देश्य के साथ दुनिया में कहीं भी मुकाम पाया जा सकता है।
“मैं गर्व के साथ ऑस्ट्रेलिया की रक्षा सेवा में अपनी भूमिका निभा रहा हूँ। यह मेरे लिए और मेरे समुदाय के लिए सम्मान की बात है।” – कमलप्रीत सिंह