
HIV AIDS और यौन संबंध: आज के समय में एचआईवी संक्रमण एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, दुनियाभर में 3.77 लाख से अधिक लोग एचआईवी या एड्स से पीड़ित हैं। भारत में भी HIV संक्रमित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है।
लोगों के मन में आज भी यह भ्रम है कि अगर कोई व्यक्ति कई पार्टनर के साथ शारीरिक संबंध बनाए, तो उसे AIDS हो सकता है। क्या यह बात पूरी तरह सही है? क्या सिर्फ अधिक यौन साथी होना ही HIV संक्रमण की वजह है? या इसके पीछे अन्य कारण हैं? इस लेख में हम जानेंगे कि HIV कैसे फैलता है, इससे कैसे बचा जा सकता है, और इससे जुड़ी भ्रांतियों का सच।
क्या कई यौन पार्टनर से संबंध बनाना एड्स का कारण है?
नोएडा की वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मीरा पाठक के अनुसार, HIV/AIDS सीधे तौर पर कई यौन साथी होने से नहीं होता। लेकिन यदि कोई व्यक्ति असुरक्षित यौन संबंध बनाता है, तो HIV का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।
“अगर आपके यौन संबंध ऐसे व्यक्ति से हैं जिसे HIV है, और आपने कंडोम का इस्तेमाल नहीं किया, तो संक्रमण फैल सकता है,” – डॉ. मीरा पाठक
इसलिए जितने अधिक sexual partners, उतना ही ज्यादा जोखिम – अगर सुरक्षा नहीं बरती जाए।
एचआईवी संक्रमण कैसे फैलता है?
एचआईवी (HIV) एक ऐसा वायरस है जो इंसान की प्रतिरक्षा प्रणाली पर हमला करता है। यह वायरस शरीर में निम्नलिखित तरीकों से पहुंच सकता है:
संक्रमित व्यक्ति के खून के संपर्क में आना
असुरक्षित यौन संबंध (बिना कंडोम के संबंध)
संक्रमित सुई या इंजेक्शन का उपयोग
मां से बच्चे में संक्रमण (गर्भावस्था या स्तनपान के दौरान)
संक्रमित रक्त चढ़ाना
यह वायरस आमतौर पर वीर्य, योनि स्राव, खून और स्तन दूध के माध्यम से फैलता है।
क्या एड्स के लक्षण स्पष्ट होते हैं?
एचआईवी संक्रमण के शुरूआती लक्षण सामान्य वायरल इन्फेक्शन जैसे लग सकते हैं। इनमें शामिल हैं:
लगातार बुखार आना
रात को पसीना आना
थकान और कमजोरी
वजन तेजी से घटना
मुंह में घाव या सफेद चकत्ते
स्किन पर रैशेज
लिंफ नोड्स का फूलना
ध्यान दें: कई बार कोई लक्षण नहीं दिखता, इसलिए सिर्फ लक्षणों के आधार पर HIV का अंदाजा लगाना गलत है।
एचआईवी संक्रमण से बचने के लिए क्या करें?
हर बार संबंध बनाते समय कंडोम का उपयोग करें।
अपने और पार्टनर का HIV टेस्ट समय-समय पर करवाएं।
सुई या इंजेक्शन साझा न करें।
यदि आप हाई-रिस्क ग्रुप में हैं, तो PrEP दवा (Pre-Exposure Prophylaxis) पर डॉक्टर से सलाह लें।
संक्रमित व्यक्ति से खुले घावों, खून या तरल पदार्थ के संपर्क से बचें।
एड्स को लेकर समाज में फैली भ्रांतियां
सिर्फ कई पार्टनर होने से HIV नहीं होता – संक्रमण तब होता है जब संबंध असुरक्षित हों।
टॉयलेट सीट, तौलिया या हाथ मिलाने से HIV नहीं फैलता।
एक साथ रहने, खाना खाने या किसी वस्तु को छूने से एचआईवी नहीं फैलता।
डॉ. पाठक के अनुसार, “HIV के नाम से ही लोग डर जाते हैं, जबकि आजकल इसके इलाज संभव हैं और शुरुआती दौर में पता चल जाए तो जीवन सामान्य रह सकता है।”
क्या HIV एड्स बन जाता है?
HIV वायरस शरीर में पहुंचने के बाद धीरे-धीरे इम्यून सिस्टम को कमजोर करता है। अगर इसका इलाज न हो तो यह AIDS (Acquired ImmunoDeficiency Syndrome) में बदल सकता है।
AIDS वह स्थिति है जब शरीर का रक्षा तंत्र बेहद कमजोर हो जाता है और व्यक्ति छोटी बीमारियों से भी जूझने में असमर्थ हो जाता है।