Noida Crime News: नोएडा पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए Grindr (ग्राइंडर) जैसे समलैंगिक डेटिंग ऐप के जरिए लोगों को जाल में फंसा कर ठगी करने वाले चार शातिर युवकों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी ऐप पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर समलैंगिक युवकों से दोस्ती करते और फिर सुनसान जगह पर मिलने के बहाने उन्हें बुलाकर लूटपाट करते थे।
पुलिस की कार्रवाई: सेक्टर-24 थाना क्षेत्र से गिरफ्तारी
नोएडा के थाना सेक्टर-24 पुलिस ने 15 जुलाई को मदर डेयरी चौराहे, सेक्टर-11 के पास चेकिंग के दौरान चार युवकों को संदिग्ध स्थिति में रोका। पूछताछ में ये चारों युवक आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए।
गिरफ्तार युवक:
अरबाज (उम्र 21 वर्ष)
विशाल कुमार (उम्र 19 वर्ष)
उस्मान (उम्र 20 वर्ष)
हिमांशु (उम्र 19 वर्ष)
ये सभी आरोपी नोएडा के सेक्टर-4, 5 और 9 के रहने वाले हैं।
कैसे करते थे ठगी?
पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी Grindr ऐप पर फेक प्रोफाइल बनाकर समलैंगिक युवकों से दोस्ती करते थे। दोस्ती पक्की होने के बाद पीड़ित को सुनसान जगह पर मिलने बुलाया जाता था। वहां एक या दो आरोपी पीड़ित को बातचीत में उलझाते थे, जबकि तीसरा आरोपी मौका पाकर उसका मोबाइल, पर्स, नकद राशि और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो जाता था।
बरामद सामान:
₹3200 नकद
4 मोबाइल फोन
2 फर्जी नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिलें
ठगी का मास्टरमाइंड कौन?
इस गिरोह का मास्टरमाइंड विशाल कुमार बताया जा रहा है, जो 11वीं तक पढ़ा हुआ है। बाकी आरोपी अशिक्षित हैं। पुलिस की जांच में पता चला कि ये चारों युवक पार्क में नशा करने के दौरान मिले थे और वहीं पर इस ठगी की योजना बनाई थी।
पहले भी कर चुके हैं कई वारदातें
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया है कि:
9 जुलाई को सेक्टर-34 में एक युवक से ₹25,000 नकद और दो मोबाइल फोन ठगे थे।
सेक्टर-11 और सेक्टर-15 में भी इसी तरह की वारदातें कर चुके हैं।
एनसीआर (दिल्ली-एनसीआर) क्षेत्र में भी कई बार इस तरीके से लोगों को शिकार बनाया है।
इनकी गिरफ्तारी से कई पुराने मामलों का भी खुलासा होने की संभावना है।
पुलिस ने की सतर्कता की अपील
नोएडा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी डेटिंग ऐप, खासकर ऐसे प्लेटफॉर्म्स जहां पहचान की जांच कम होती है, वहां अनजान लोगों से संपर्क करने से पहले अच्छी तरह से जांच-पड़ताल करें।
पुलिस की सिफारिश:
अनजान लोगों से व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
मिलने के लिए किसी सुनसान जगह पर न जाएं।
कभी भी अपनी लोकेशन अज्ञात लोगों को शेयर न करें।
पुलिस को किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत जानकारी दें।
Grindr ऐप: सुरक्षा का सवाल
Grindr एक लोकप्रिय समलैंगिक डेटिंग ऐप है, जिसका इस्तेमाल दुनियाभर में लाखों लोग करते हैं। लेकिन भारत जैसे देशों में जहां समलैंगिकता को अभी भी पूर्ण सामाजिक स्वीकृति नहीं मिली है, ऐसे ऐप्स का दुरुपयोग करने की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं।
Grindr जैसे प्लेटफॉर्म पर कोई भी आसानी से फर्जी प्रोफाइल बनाकर दूसरों को निशाना बना सकता है, जिससे न केवल धोखाधड़ी होती है बल्कि समलैंगिक समुदाय के लिए भी खतरा उत्पन्न हो जाता है।
कानून की नजर में
पुलिस इन आरोपियों पर आईटी एक्ट, ठगी, धोखाधड़ी और चोरी से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर रही है। साथ ही यह जांच भी की जा रही है कि क्या इनका संबंध किसी बड़े गिरोह या संगठित अपराध से है।




















