
मुंबई में मानसून का कहर इस बार कुछ अलग ही रूप में सामने आया है। मई के आखिरी दिनों से लेकर जून के मध्य तक लगातार मूसलाधार बारिश ने शहर की रफ्तार को थाम दिया है। तटीय इलाकों में अरब सागर की लहरें इस कदर तेज़ हुई हैं कि कोलाबा और सांताक्रूज जैसे निचले हिस्सों में समंदर का पानी घरों तक पहुंच चुका है।
📍 क्या हो रहा है शहर में?
भारी बारिश और हाई टाइड की दोहरी मार से कई सड़कें और अंडरपास जलमग्न हैं।
रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
कई इलाकों में नाले और सीवर ओवरफ्लो कर चुके हैं, जिससे स्वास्थ्य संकट की आशंका है।
⚠️ 26 जून तक सतर्क रहने की जरूरत
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार, 26 जून तक मुंबई में भारी बारिश और समुद्री लहरों की ऊंचाई बढ़ती रहेगी। समुद्र में:
सुबह 4.75 मीटर
रात को 4.01 मीटर तक ऊंची लहरें उठने की चेतावनी दी गई है।
बीएमसी ने बताया है कि 24 से 28 जून के बीच समुद्र में कई बार तेज लहरें उठ सकती हैं। इन हालातों को देखते हुए तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
🏠 जब समंदर दरवाजे तक आता है…
शहर के कई निचले इलाकों में अरब सागर की लहरें अब घरों की चौखट तक पहुंच रही हैं। कई जगहों पर लोग सीढ़ियों पर चढ़कर खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश करते दिखे। यह सिर्फ एक दृश्य नहीं, बल्कि एक चेतावनी है — जब प्रकृति अपनी सीमा पार करती है तो शहरों को ठहरना पड़ता है।
🛑 प्रशासन अलर्ट मोड में
BMC और आपदा प्रबंधन दल पूरी तरह सक्रिय हैं।
तटीय इलाकों में सभी नागरिकों से समुद्र किनारे न जाने की अपील की गई है।
रेलवे सेवाएं कुछ रूट्स पर धीमी कर दी गई हैं।
🌡️ क्या आगे भी बारिश जारी रहेगी?
हां, मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में:
तेज बारिश बनी रहेगी
तापमान में गिरावट आएगी
और अरब सागर की लहरों की तीव्रता भी बनी रहेगी