
राजस्थान सरकार ने बरसात के मौसम में गायों को बीमारियों से बचाने के लिए एक विशेष टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का उद्देश्य गायों को मौसमी संक्रमणों से सुरक्षित रखना और उनकी देखभाल को डिजिटल रूप से ट्रैक करना है।
गौशालाओं से शुरू होकर घर-घर तक पहुंचेगा अभियान
राज्य के पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने बताया कि फिलहाल यह अभियान गौशालाओं में संचालित हो रहा है, लेकिन जल्द ही इसे ग्रामीण और शहरी इलाकों में घर-घर तक पहुँचाया जाएगा। इस योजना के तहत जिन स्थानों पर गोवंश रह जाएंगे, वहां विशेष स्वास्थ्य जांच और टीकाकरण कैंप भी लगाए जाएंगे।
बीमारियों से बचाव के लिए टीकाकरण अनिवार्य
मानसून के मौसम में गायों में खुरपका, मुंहपका और लंपी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इन्हीं बीमारियों से बचाव के लिए यह विशेष टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में मंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान में किसी भी गोवंश को छूटने न दिया जाए।
हर जिले में आयोजित होंगे पशु मेले
इस वर्ष 11 स्थानों पर पशु मेले आयोजित किए जाएंगे, जो पहले 7 जगहों पर ही होते थे। सरकार की योजना है कि भविष्य में हर जिले में ऐसे मेलों का आयोजन हो ताकि पशुपालकों को अधिक सुविधा मिल सके।
जियो टैगिंग से फर्जीवाड़े पर लगेगा अंकुश
सरकार द्वारा सभी गोवंश को जियो टैग से चिह्नित किया जा रहा है। इस प्रक्रिया से पशुओं की संख्या और लोकेशन की जानकारी डिजिटल रूप से रिकॉर्ड होगी, जिससे किसी भी प्रकार की अनियमितता रोकी जा सकेगी।
भविष्य की योजना और पारदर्शिता
मंत्री कुमावत ने बताया कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में गौशालाओं में कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आई थीं, जिनकी जांच भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) को सौंपी गई है। करीब 29 करोड़ रुपये की रिकवरी प्रक्रिया भी शुरू की गई है। वर्तमान में राजस्थान में लगभग 5 करोड़ 59 लाख पशु हैं, जिनमें डेढ़ करोड़ से अधिक गोवंश शामिल हैं।
सरकार की प्राथमिकता है कि गायों की संख्या में वृद्धि हो और कृषि कार्यों के लिए बैलों की संख्या को संतुलित किया जाए।