
अहमदाबाद (गुजरात): गुरुवार 12 जून को अहमदाबाद के एक भीड़भाड़ वाले इलाके में हुए विमान हादसे ने हर किसी को हिला कर रख दिया। इस भयानक घटना में 265 से ज्यादा लोगों की जान चली गई। हादसा उस वक्त हुआ जब AI-171 विमान उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद अचानक BJ मेडिकल कॉलेज परिसर में दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शियों में कॉलेज हॉस्टल की मेस में काम करने वाली महिलाएं और छात्र भी शामिल रहे। मेस में रोटियां बना रही एक महिला ने बताया,
“अचानक ऐसा लगा जैसे बम फटा हो। चारों ओर धुआं-ही-धुआं छा गया। किसी को समझ नहीं आया कि क्या हुआ। लोगों ने चिल्लाकर कहा कि विमान गिर गया है, और हम जान बचाने के लिए नीचे की ओर दौड़ पड़े।”
मेस स्टाफ और छात्र बने गवाह
वहीं हॉस्टल के अन्य स्टाफ और छात्र भी इस भयावह मंजर को लेकर सिहर उठे। एक अन्य महिला कर्मचारी ने बताया,
“हम सिर्फ अपना काम कर रहे थे, तभी तेज आवाज आई और सब कुछ हिल गया। आसपास अफरा-तफरी मच गई। कुछ बच्चे हादसे की चपेट में आ गए। 3 से 4 बच्चों की मौत हो गई और कुछ को गंभीर हालत में ICU में भर्ती कराया गया। एक महिला और दो साल का बच्चा अब भी लापता है।”
“मैं पहली मंजिल से कूद गया…”: छात्र की आपबीती
डॉ. अरुण प्रशांत, जो उस वक्त हॉस्टल की मेस में ही खाना खा रहे थे, ने बताया:
“करीब 1:30 बजे हम पांचवीं मंजिल पर लंच कर रहे थे, तभी अचानक धमाके की जोरदार आवाज आई और हर जगह काला धुआं फैल गया। हम चारों ओर फंस चुके थे। मैंने जान बचाने के लिए नीचे की ओर दौड़ लगाई और फिर पहली मंजिल से बाहर कूद गया।”
उन्हें बाद में पता चला कि यह आवाज किसी आम धमाके की नहीं, बल्कि एक विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की थी।
“हम सभी 15-20 मिनट तक इमारत के बाहर खड़े रहे। उसके बाद राहत-बचाव दल मौके पर पहुंचा,” उन्होंने बताया।
हादसे की जानकारी
जानकारी के अनुसार, AI-171 फ्लाइट (बोइंग 787 ड्रीमलाइनर) ने अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी, लेकिन उड़ान के कुछ ही मिनटों बाद यह विमान तकनीकी खराबी के चलते मेघाणी नगर क्षेत्र में स्थित BJ मेडिकल कॉलेज परिसर के पास क्रैश हो गया।
हादसे के समय विमान में 242 यात्री, कुछ क्रू मेंबर और पूर्व मुख्यमंत्री विजय रुपाणी भी सवार थे। इस हादसे के कारण पूरे इलाके में दहशत फैल गई।
अंतिम शब्द
यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं था, बल्कि सैकड़ों लोगों की ज़िंदगियों को झकझोर देने वाला पल था। मेस स्टाफ, छात्र और आसपास के लोग इस दर्दनाक दृश्य के गवाह बने, जो शायद जीवन भर उनके ज़हन में रहेगा।