
उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर से बयानबाज़ी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने हाल ही में एक जनसभा के दौरान विभिन्न मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
उन्होंने आरोप लगाया कि नदियों की सफाई के नाम पर सरकारी फंड का दुरुपयोग किया गया है। उनका कहना था, “नदियां तो साफ नहीं हुईं, लेकिन बजट और पैसा जरूर साफ हो गया।”
स्वास्थ्य और शिक्षा को लेकर भी जताई चिंता
अखिलेश यादव ने किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) का ज़िक्र करते हुए कहा कि यह संस्थान राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित है। उन्होंने वादा किया कि यदि समाजवादी सरकार फिर बनी तो ऐसे संस्थानों को और बेहतर बनाने के लिए हर संभव संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
उद्योग और व्यापार की स्थिति पर प्रतिक्रिया
व्यापार और औद्योगिक विकास को लेकर भी उन्होंने चिंता जताई। अखिलेश का कहना था कि वर्तमान समय में उद्योग और कारोबार के क्षेत्र में जैसे ‘आपातकाल’ जैसी स्थिति बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि कई बड़ी संस्थाएं बेची जा रही हैं और आम जनता को इसका सीधा नुकसान हो रहा है।
समाज में एकता लाने की अपील
सपा प्रमुख ने कहा कि उनकी पार्टी ‘PDA मॉडल’ के ज़रिए समाज में एकता और भाईचारे को बढ़ावा देना चाहती है। उन्होंने कहा कि जो वर्ग परेशान, प्रताड़ित या उपेक्षित महसूस करता है, उसे एकजुट करने की ज़रूरत है। उन्होंने अपने समर्पित कार्यकर्ताओं का भी आभार व्यक्त किया जो रक्तदान शिविर में शामिल हुए।
धार्मिक विविधता और समता पर बयान
इस दौरान राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने भी एक घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पवित्र ग्रंथों की जानकारी रखने वाला कोई भी व्यक्ति – चाहे वह किसी भी जाति या वर्ग से हो – पंडित हो सकता है। कथा कहने का अधिकार सबको है, यह किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं होना चाहिए।