
किडनी में पथरी एक ऐसी स्थिति है, जो न सिर्फ तकलीफदेह होती है, बल्कि समय पर इलाज न हो तो जानलेवा भी साबित हो सकती है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने इस बात की गंभीरता को और भी साफ कर दिया है — जहां अत्यधिक कोल्ड ड्रिंक पीने की आदत ने एक व्यक्ति की किडनी में 35 पथरियां पैदा कर दीं।
लगातार कोल्ड ड्रिंक पीने से बिगड़ी हालत
ब्राजील में रहने वाला एक व्यक्ति लंबे समय से हर दिन करीब तीन लीटर मीठी कोल्ड ड्रिंक पी रहा था। कुछ समय बाद उसे पीठ और पेट में तेज दर्द महसूस हुआ, जिसके चलते वह अस्पताल पहुंचा। जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि उसकी किडनी और मूत्राशय में कई पथरियां जमा हो चुकी हैं।
ऑपरेशन में निकलीं 35 पथरियां
यू्रोलॉजी विशेषज्ञों की टीम ने सर्जरी के ज़रिए उसकी किडनी से कुल 35 पथरियां निकालीं। डॉक्टरों के अनुसार, इस व्यक्ति के शरीर में चीनी की मात्रा बहुत अधिक थी, जो कि पथरी बनने का प्रमुख कारण बन गई। इसके साथ ही कोल्ड ड्रिंक में मौजूद फॉस्फोरिक एसिड जैसे तत्वों ने किडनी को अत्यधिक एसिडिक बना दिया, जिससे क्रिस्टल बनकर ये पथरियां विकसित हुईं।
किडनी स्टोन क्या होते हैं?
किडनी स्टोन छोटे-छोटे ठोस कण होते हैं जो खनिज और लवणों के अधिक मात्रा में जमा होने के कारण बनते हैं। यह आमतौर पर तब बनते हैं जब व्यक्ति पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीता या अत्यधिक मीठे और कृत्रिम पेय पदार्थों का सेवन करता है।
किडनी स्टोन के आम लक्षण
पेशाब के समय जलन या तेज दर्द
उल्टी या मितली
पेशाब में खून आना
बार-बार यूरिन इंफेक्शन
पेट या पीठ के निचले हिस्से में असहनीय दर्द
क्या हो सकता है अगर इलाज न कराया जाए?
अगर समय रहते इलाज नहीं किया गया, तो ये स्टोन मूत्र मार्ग में फंस सकते हैं, जिससे संक्रमण या किडनी फेल जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। कुछ मामलों में सेप्सिस जैसी जानलेवा स्थिति भी बन सकती है।
डॉक्टरों की चेतावनी: कोल्ड ड्रिंक से बन सकता है खतरा
विशेषज्ञों का मानना है कि कोल्ड ड्रिंक में अत्यधिक चीनी और रसायन होते हैं, जो मूत्र को एसिडिक बनाते हैं। ये स्थितियाँ पथरी बनने की प्रक्रिया को तेज कर देती हैं। यदि आप अपनी किडनी को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो जरूरी है कि आप पानी की मात्रा बढ़ाएं और कोल्ड ड्रिंक जैसे पेयों से दूरी बनाए रखें।
किन लोगों को होता है ज्यादा खतरा?
30 से 60 वर्ष की उम्र वाले लोग आमतौर पर इस समस्या से ज्यादा प्रभावित होते हैं। खराब जीवनशैली, कम पानी पीना, और मीठे पदार्थों का अत्यधिक सेवन इस खतरे को और बढ़ा सकता है।
बचाव कैसे करें?
दिनभर पर्याप्त पानी पीना
मीठे और सोडा युक्त पेयों से बचना
संतुलित आहार लेना
नियमित स्वास्थ्य जांच कराना