भारत के 5 सबसे कम उम्र के इंटरनेशनल क्रिकेटर, जिन्होंने रच दिया इतिहास – एक ने 16 की उम्र में ही दिखाया कमाल

भारत हमेशा से युवाओं को मौका देने वाला देश रहा है, खासकर क्रिकेट के मैदान पर। कई खिलाड़ियों ने बेहद कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट में कदम रखकर पूरे देश को चौंका दिया। आइए जानते हैं उन 5 भारतीय क्रिकेटर्स के बारे में, जिन्होंने सबसे कम उम्र में इंटरनेशनल क्रिकेट खेलकर इतिहास रच दिया।


🔥 1. सचिन तेंदुलकर – 16 साल 205 दिन

क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने महज 16 साल की उम्र में पाकिस्तान के खिलाफ इंटरनेशनल डेब्यू कर लिया था। उन्होंने अपने 24 साल लंबे करियर में 100 इंटरनेशनल शतक, 34,000+ रन और ढेरों रिकॉर्ड बनाए। आज भी वे करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा हैं।


🧤 2. पार्थिव पटेल – 17 साल 153 दिन

पार्थिव पटेल ने साल 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था। उस समय वह मात्र 17 साल के थे। विकेट के पीछे उनकी फुर्ती और बैटिंग में भरोसेमंद प्रदर्शन ने उन्हें खास बना दिया। वे भारतीय टीम के सबसे कम उम्र के विकेटकीपर बनने का गौरव भी रखते हैं।


🎯 3. मनिंदर सिंह – 17 साल 222 दिन

1982 में मनिंदर सिंह ने भारतीय टीम के लिए डेब्यू किया। बाएं हाथ के इस स्पिनर को बिशन सिंह बेदी का उत्तराधिकारी तक कहा गया था। उन्होंने 35 टेस्ट और 59 वनडे खेले और 1988 की एशिया कप विजेता टीम का हिस्सा भी रहे।


🌀 4. हरभजन सिंह – 17 साल 288 दिन

हरभजन सिंह, जिन्हें ‘टर्बनेटर’ के नाम से जाना जाता है, ने 1998 में इंटरनेशनल क्रिकेट की शुरुआत की थी। 2001 की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज में उन्होंने हैट्रिक लेकर तहलका मचा दिया। 103 टेस्ट मैचों में 417 विकेट लेकर वह भारत के सबसे सफल ऑफ स्पिनरों में शुमार हुए।


🏏 5. लक्ष्मी रतन शुक्ला – 17 साल 320 दिन

1999 में डेब्यू करने वाले लक्ष्मी रतन शुक्ला ने बतौर ऑलराउंडर भारतीय टीम में अपनी जगह बनाई। हालांकि उनका अंतरराष्ट्रीय करियर ज्यादा लंबा नहीं चला, लेकिन घरेलू क्रिकेट में उनका जलवा कायम रहा। बाद में वह राजनीति में भी सक्रिय हुए और बंगाल सरकार में मंत्री बने।


भविष्य का सितारा – वैभव सूर्यवंशी

हाल ही में बिहार से ताल्लुक रखने वाले वैभव सूर्यवंशी ने महज 13 साल और 243 दिन की उम्र में इंडिया अंडर-19 टीम में जगह बनाकर सभी को चौंका दिया। आईपीएल 2025 ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स ने उन्हें 1.10 करोड़ में खरीदा। भविष्य में वे टीम इंडिया का बड़ा नाम बन सकते हैं।


📌 निष्कर्ष

भारत में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। हर पीढ़ी में कुछ ऐसे नाम सामने आते हैं जो कम उम्र में अपने खेल से देश का नाम रोशन करते हैं। ये युवा सितारे न सिर्फ क्रिकेट के फैंस के लिए बल्कि नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए भी एक मिसाल हैं।

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