
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक नई प्रतिक्रिया सामने आई है जहाँ भारतीय सूफी फाउंडेशन के अध्यक्ष सूफी काशिश वारसी ने फिल्म उदयपुर फाइल्स को लेकर अपनी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अगर फिल्म में धार्मिक भावनाएं आहत करने वाली सामग्री है, तो इस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए।
📢 “सरकार को चाहिए कि इस पर रोक लगाए”
वारसी ने मीडिया से बातचीत में कहा, “यदि यह सच है कि फिल्म में पैगंबर मोहम्मद के बारे में आपत्तिजनक बातें दिखाई गई हैं, तो सरकार को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। हम संविधान और कानून पर भरोसा रखते हैं, लेकिन ऐसा कोई भी कंटेंट जो देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचाए, उसे अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि विरोध के नाम पर कोई भी ऐसा बयान नहीं देना चाहिए जिससे देश का माहौल बिगड़े। उनकी अपील थी कि हर किसी को शांति और सद्भाव बनाए रखने में भूमिका निभानी चाहिए।
🏨 नेम प्लेट विवाद पर भी दी प्रतिक्रिया
वारसी ने कांवड़ पथ पर हो रहे होटलों और ढाबों के नामकरण विवाद पर भी अपनी राय दी। उन्होंने कहा कि “धार्मिक पहचान छिपाकर व्यापार करना किसी भी मजहब की शिक्षा नहीं है। अगर कोई व्यक्ति दूसरे धर्म का नाम इस्तेमाल कर रहा है, तो यह धोखाधड़ी मानी जाएगी, चाहे वह किसी भी धर्म का हो।”
🗳️ बिहार की वोटर लिस्ट पर विपक्ष के आरोपों को बताया ‘राजनीतिक’
बिहार में मुस्लिम वोटरों की सूची को लेकर जारी विवाद पर उन्होंने चुनाव आयोग का बचाव करते हुए कहा कि हर सरकार में आयोग पर विपक्ष इस तरह के आरोप लगाता रहा है। उन्होंने कहा कि यह महज राजनीतिक चालें हैं।
साथ ही उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील करते हुए कहा कि “आपके लिए जो योजनाएं लाता है, जो राष्ट्र की बात करता है, उसे वोट दीजिए। केवल धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों से सावधान रहें।”