पाकिस्तान की साजिश बेनकाब: पूर्व कमांडो सुलेमान ने रचा था पहलगाम आतंकी हमला, ISI और लश्कर-ए-तैयबा की मिलीभगत आई सामने

Pahalgam Terror Attack Full Report (2025): जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भयावह आतंकी हमले को लेकर जो खुलासे हो रहे हैं, वे न सिर्फ हैरान करने वाले हैं बल्कि पाकिस्तान की नीयत और रणनीति को भी उजागर करते हैं। इस हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की संयुक्त साजिश बताई जा रही है।

🔥 क्या था हमला?

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पहलगाम क्षेत्र में एक बड़ा आतंकी हमला हुआ, जिसमें 26 निर्दोष नागरिकों की जान चली गई। पहले यह सिर्फ एक आम आतंकी हमला माना जा रहा था, लेकिन अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि इसे पूरी तरह से प्लानिंग के साथ अंजाम दिया गया


🧠 हमले का मास्टरमाइंड: कौन है सुलेमान?

इस हमले का नेतृत्व सुलेमान नामक एक आतंकी ने किया, जो पहले पाकिस्तानी स्पेशल फोर्स का कमांडो रह चुका है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सुलेमान ने 2022 में LoC पार करने से पहले लश्कर के मुरीदके ट्रेनिंग सेंटर में ट्रेंडिंग ली थी।

  • अप्रैल 2023 में पुंछ में हुए हमले में भी उसका नाम सामने आया था, जिसमें भारतीय सेना के 5 जवान शहीद हुए थे

  • सैटेलाइट डेटा से पता चला है कि 15 अप्रैल को वह त्राल के जंगलों में सक्रिय था, यानि हमले से पहले वह बैसरन में मौजूद था


🇵🇰 ISI-लश्कर की साजिश: सिर्फ विदेशी आतंकियों का इस्तेमाल

सुरक्षा सूत्रों का मानना है कि यह हमला 26/11 मुंबई हमले की तरह ही एक संयुक्त प्रोजेक्ट था, जिसमें ISI ने सीधे हस्तक्षेप किया।

  • लश्कर कमांडर साजिद जट्ट को निर्देश दिया गया था कि जम्मू-कश्मीर में सिर्फ विदेशी आतंकियों को तैनात किया जाए।

  • स्थानीय आतंकियों को शामिल नहीं किया गया ताकि हमले के बाद कोई स्थानीय सुराग न मिल सके।

  • इस हमले में शामिल सभी आतंकी पाकिस्तानी नागरिक थे।


📡 बैसरन में हुआ खूनी खेल: स्थानीय सहयोगी सिर्फ मददगार

जांच में यह सामने आया है कि पाकिस्तानी आतंकियों को स्थानीय सहयोगियों से सीमित मदद मिली। NIA ने परवाइज अहमद जोठर और बशीर अहमद जोठर को गिरफ्तार किया है।

  • उन्होंने आतंकियों को खाना, रहना और संसाधन उपलब्ध कराए।

  • उन्हें इसके बदले चंद हजार रुपये मिले।

  • दोनों आरोपियों का कहना है कि उन्हें पर्यटकों पर हमले की जानकारी नहीं थी


🔍 बाकी आतंकियों की पहचान और लोकेशन

  • हमले में तीन आतंकी शामिल थे, जिनमें से एक की पहचान सुलेमान के रूप में हो चुकी है।

  • बाकी दो पाकिस्तानी आतंकियों की पहचान अभी उजागर नहीं हुई है।

  • पहले हाशिम मूसा और अली भाई पर शक था, लेकिन फिलहाल सिर्फ सुलेमान की भूमिका की पुष्टि हुई है।

  • स्थानीय आतंकी आदिल हुसैन ठोकर की भी जांच की गई, लेकिन उसके खिलाफ कोई सबूत नहीं मिला।


📊 घाटी में आतंक का मौजूदा नेटवर्क

सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार:

  • इस समय कश्मीर घाटी में 68 विदेशी आतंकी और तीन स्थानीय आतंकी सक्रिय हैं।

  • ISI और लश्कर की योजना है कि घाटी में सिर्फ विदेशी नेटवर्क को एक्टिव रखा जाए, ताकि भारतीय एजेंसियों को पकड़ में कम आएं।


🧨 क्या थी ISI की रणनीति?

  • ISI चाहता था कि हमला ऐसा हो जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की छवि खराब हो

  • इसलिए हमले को पर्यटक स्थल पर अंजाम देने की योजना बनाई गई।

  • हमले का उद्देश्य घाटी में डर और अस्थिरता फैलाना था, जिससे पर्यटन और विकास पर असर पड़े।


🤔 क्या करेगा भारत?

भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने इस हमले के बाद कड़े कदम उठाए हैं:

  • LoC पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को बेनकाब करने की तैयारी जारी है।

  • NIA और RAW मिलकर पूरे आतंकी नेटवर्क को तोड़ने में लगे हैं।

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