Air India Crash: अमेरिकी रिपोर्ट में बड़ा दावा — ‘कैप्टन ने उड़ान के तुरंत बाद बंद कर दिया विमान का इंजन फ्यूल’, भारत में मचा बवाल

हाल ही में गुजरात के अहमदाबाद में हुए एयर इंडिया विमान हादसे ने ना सिर्फ भारत, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता और चर्चा का विषय बना दिया है। अब इस मामले में अमेरिकी मीडिया द्वारा प्रकाशित एक रिपोर्ट ने नए सवाल खड़े कर दिए हैं। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में कहा गया है कि दुर्घटना के पीछे जो कारण सामने आ रहे हैं, उनमें सबसे अहम यह है कि उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान के इंजन का फ्यूल खुद कैप्टन द्वारा बंद कर दिया गया था। हालांकि इस दावे को लेकर भारत में तीखी प्रतिक्रिया सामने आई है, और जांच एजेंसियों ने इसे लेकर अभी कोई अंतिम राय नहीं दी है।

क्या था हादसे का पूरा मामला?

एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान, अहमदाबाद से मुंबई की ओर उड़ान भरते ही कुछ ही सेकंड में क्रैश हो गया था। इस दर्दनाक हादसे में विमान में सवार दोनों पायलट — कैप्टन सुमीत सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर — की जान चली गई। विमान ने रनवे से टेकऑफ तो किया, लेकिन कुछ ही पलों में वह अनियंत्रित हो गया और गिरकर आग का गोला बन गया।

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट ने क्या कहा?

अमेरिकी अखबार The Wall Street Journal ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि उन्हें विमान की कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डिंग और प्रारंभिक जांच रिपोर्ट से कुछ ऐसे संकेत मिले हैं जो दुर्घटना की असल वजह की ओर इशारा कर सकते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, फर्स्ट ऑफिसर ने टेकऑफ के तुरंत बाद कैप्टन से सवाल किया कि उन्होंने इंजन फ्यूल के लिए जिम्मेदार स्विच को कटऑफ क्यों कर दिया। इस बातचीत से यह अंदाज़ा लगाया गया कि टेकऑफ के कुछ ही सेकंड बाद फ्यूल सप्लाई रोक दी गई थी, जिससे दोनों इंजन बंद हो गए।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि टेकऑफ से लेकर क्रैश तक का पूरा समय केवल 32 सेकंड का था। यानी दुर्घटना बेहद तेजी से हुई और पायलटों को सुधार का समय तक नहीं मिला।

गलती या जानबूझकर? रिपोर्ट ने सवाल छोड़े

हालांकि वॉल स्ट्रीट जर्नल ने यह स्पष्ट नहीं किया कि स्विच बंद करना पायलट की गलती थी या जानबूझकर किया गया कदम। रिपोर्ट के अनुसार, यह जानकारी अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है और इसकी पुष्टि के लिए अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यह संभावना जताई जा रही है कि टेक्निकल गड़बड़ी या मानवीय भूल — दोनों ही वजहें हो सकती हैं।

पायलटों का अनुभव

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कैप्टन सुमीत सभरवाल के पास 15,638 घंटे का और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर के पास 3,403 घंटे का उड़ान अनुभव था। ऐसे में यह सवाल उठता है कि इतनी अनुभवी टीम से ऐसी बेसिक गलती कैसे हो सकती है? क्या यह गलती थी या किसी और कारण से स्विच ऑफ किया गया — यह सब अभी स्पष्ट नहीं है।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

भारत के नागरिक उड्डयन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी जो जानकारी सामने आ रही है, वह सिर्फ एक प्रारंभिक जांच रिपोर्ट पर आधारित है। उन्होंने कहा कि जब तक अंतिम रिपोर्ट सामने नहीं आती, तब तक किसी भी नतीजे पर पहुँचना अनुचित होगा। मंत्री ने मीडिया से भी आग्रह किया कि वह जिम्मेदारी के साथ रिपोर्टिंग करें और अफवाहों से बचें।

पायलट संघ का कड़ा विरोध

फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) के अध्यक्ष सीएस रंधावा ने वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट की तीखी आलोचना करते हुए इसे “निराधार” बताया। उन्होंने कहा कि AAIIB (Aircraft Accident Investigation Bureau) की प्रारंभिक रिपोर्ट में ऐसा कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं है कि पायलटों ने जानबूझकर फ्यूल कटऑफ स्विच बंद किए। रंधावा ने कहा कि मीडिया रिपोर्ट्स के ज़रिए पायलटों की छवि को नुकसान पहुँचाना गलत है और इस पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

उन्होंने कहा, “फ्लाइट से जुड़ी हर तकनीकी जानकारी के लिए पूरी रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। किसी भी दुर्घटना की जांच प्रक्रिया बेहद गंभीर और समय-संवेदनशील होती है। ऐसे में पहले से कोई राय बनाना केवल अफवाहों को बढ़ावा देता है।”

सुरक्षा विशेषज्ञों की राय

विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह मान भी लिया जाए कि फ्यूल कटऑफ स्विच कैप्टन ने ही बंद किया, तो यह समझना जरूरी है कि ऐसा करने के पीछे क्या कारण रहा। टेक्निकल खराबी, सेंसर फेल्योर या नियंत्रण प्रणाली में गड़बड़ी जैसी चीज़ें भी इसकी वजह हो सकती हैं। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि कॉकपिट में पैनिक के हालात भी इंसानी फैसलों को प्रभावित करते हैं।

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