
पिछले कुछ महीनों में सोने की कीमतों ने सबको चौंका दिया है, खासकर उन लोगों को जो शादी-ब्याह या खास मौकों के लिए ज्वेलरी खरीदने की सोच रहे थे। मिडिल क्लास के लिए सोना खरीदना किसी सपने जैसा हो गया है। लेकिन अब कुछ राहत की उम्मीद की जा रही है, क्योंकि विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतों में बड़ी गिरावट आने वाली है।
अभी क्या है स्थिति?
बीते महीनों में सोने ने रिकॉर्ड तोड़ ऊंचाई छू ली थी। जनवरी 2025 में सोना जहां $2,600 प्रति औंस पर था, वहीं यह $3,355 प्रति औंस तक पहुंच गया – यानी लगभग 30% की तेजी। लेकिन अब लगता है ये बुल रन थमने वाला है।
गिरावट के संकेत क्यों मिल रहे हैं?
Citi Research की एक रिपोर्ट के अनुसार:
गोल्ड की मौजूदा तेजी अब थमने वाली है
डिमांड में सुस्ती की आशंका
केंद्रीय बैंकों और ETF निवेश से अब नया ट्रिगर नहीं मिल रहा
जियोपॉलिटिकल तनाव और डॉलर वीकनेस पहले ही मार्केट में कवर हो चुके हैं
रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2026 की दूसरी छमाही तक गोल्ड $2,500–2,700 प्रति औंस तक गिर सकता है।
भारत में क्या असर होगा?
अगर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सोना गिरता है, तो इसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी होगा:
गोल्ड 10-15% सस्ता हो सकता है
कीमत ₹85,000 से ₹80,000 प्रति 10 ग्राम तक गिर सकती है
अगर वैश्विक बाजार में 30% की गिरावट आती है तो भारत में गोल्ड ₹68,950 प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क सकता है
युद्ध और तनाव में भी नहीं चमका सोना
ईरान-इजरायल संघर्ष के बावजूद सोने में वो तेजी देखने को नहीं मिली, जो सामान्यतः ऐसे हालात में आती है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर वैश्विक हालात शांत रहते हैं, तो सोने में गिरावट और तेज हो सकती है।
क्या खरीदारी रोकी जाए?
अगर आप सोना खरीदने का सोच रहे हैं, तो थोड़ा इंतजार फायदेमंद हो सकता है। बाजार जानकार मानते हैं कि ₹85,000 या उससे नीचे आने पर खरीदारी एक अच्छा फैसला हो सकता है।
हालांकि ध्यान रखें कि सोने की कीमतें हमेशा ग्लोबल घटनाओं पर निर्भर करती हैं, इसलिए कोई भी फैसला सोच-समझकर लें।
निष्कर्ष:
अभी सोना ऊंचाई पर है, लेकिन आने वाले महीनों में इसमें बड़ा करेक्शन आ सकता है। निवेशक और ग्राहक दोनों ही थोड़ी सतर्कता और धैर्य दिखाकर बेहतर दाम पा सकते हैं।