1901 के बाद पहली बार मई में सबसे ज़्यादा बारिश, गर्मी के मौसम में क्यों डूबे कई शहर?

इस बार मई का महीना रहा ठंडा और बरसाती, मौसम विशेषज्ञों ने बताए ये बड़े कारण

Monsoon News: इस साल मई का महीना मौसम के लिहाज से पूरी तरह असामान्य रहा। जहाँ आमतौर पर मई में तेज़ धूप और झुलसाने वाली गर्मी देखने को मिलती है, वहीं इस बार देश के कई हिस्सों में भारी बारिश हुई और तापमान भी सामान्य से काफी नीचे रहा।

बारिश ने बदला मई का मिज़ाज

भारतीय मौसम विभाग (IMD) की रिपोर्ट के अनुसार, मई 2025 में देशभर में औसतन 126.7 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो 1901 के बाद इस महीने की अब तक की सबसे अधिक वर्षा है। वहीं इस दौरान दिन और रात के औसत तापमान में भी काफी गिरावट दर्ज की गई।

  • औसत अधिकतम तापमान: 35.08 डिग्री सेल्सियस – 1901 के बाद सबसे कम।

  • औसत न्यूनतम तापमान: 24.07 डिग्री सेल्सियस – 59वां सबसे कम।

  • कुल औसत तापमान: 29.57 डिग्री सेल्सियस – 19वां सबसे कम।

मई में इतनी ठंड क्यों पड़ी?

मौसम विज्ञानियों का कहना है कि इस बार मई के ठंडे रहने के पीछे कई अहम कारण रहे:

  • मॉनसून की समय से पहले गतिविधि

  • अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र

  • उत्तर भारत में लगातार सक्रिय रहे पश्चिमी विक्षोभ

  • लंबे समय तक बादलों की मौजूदगी और वातावरण में नमी

IMD के जलवायु निगरानी विभाग के वैज्ञानिक ओपी श्रीजीत के मुताबिक, इन सभी कारकों ने मिलकर मई को असामान्य रूप से ठंडा और नमी से भरा बना दिया।

मई में ठंड कब-कब रही है?

IMD के रिकॉर्ड के अनुसार:

  • 1917: 33.09°C – अब तक का सबसे ठंडा मई

  • 1933: 34.10°C

  • 1971: 35.05°C

  • 1977: 34.88°C

  • 2021: 34.93°C

इस बार भी औसत अधिकतम तापमान ऐतिहासिक स्तर पर नीचे रहा। खासकर मध्य भारत में मई का औसत तापमान 36.63°C रहा, जो 1901 के बाद तीसरा सबसे कम है।

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