NEET UG: भारतीय छात्र रूस में मेडिकल शिक्षा को क्यों मानते हैं बेहतर विकल्प?

MBBS Abroad: कई रूसी यूनिवर्सिटी ने भारतीय छात्रों के लिए ढांचा और सुविधाएं विशेष रूप से तैयार की हैं।

जब विदेश में मेडिकल की पढ़ाई की बात होती है, तो रूस भारतीय छात्रों की एक पसंदीदा मंज़िल के रूप में सामने आता है। रूस की यूनिवर्सिटीज़ ने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय छात्रों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने कैंपस और सुविधाओं में कई बदलाव किए हैं।

मारी स्टेट यूनिवर्सिटी की वाइस चांसलर प्रोफेसर पेत्रोवा इरीना के मुताबिक, भारतीय छात्रों का रूस की ओर झुकाव ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक पहलुओं पर आधारित है। उन्होंने बताया कि भारत और रूस के बीच दशकों पुराने राजनयिक रिश्ते इस शिक्षा संबंधी सहयोग का आधार रहे हैं।

ऐतिहासिक संबंध और भरोसेमंद माहौल

रूस में भारतीय छात्रों का आगमन कोई नया नहीं है — पहली बार छात्र 1948 में वहां पहुंचे थे और 1968 में मेडिकल स्टडीज़ शुरू हुई थीं। इतने वर्षों में किसी भी राजनीतिक या वैश्विक अस्थिरता ने इस शैक्षिक रिश्ते को बाधित नहीं किया, जो अभिभावकों के लिए एक भरोसेमंद संकेत है।

लागत में लाभ

रूस में MBBS की पढ़ाई भारत के मुकाबले कहीं अधिक सस्ती है। जहां भारत में निजी मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई पर 1 करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च हो सकता है, वहीं रूस में यही कोर्स लगभग 18 से 45 लाख रुपये में पूरा हो जाता है। यही वजह है कि यह विकल्प आर्थिक रूप से अधिक आकर्षक बन गया है।

भारतीय छात्रों के अनुकूल माहौल

कई रूसी विश्वविद्यालयों ने अपने कैंपस को भारतीय छात्रों के लिए विशेष रूप से अनुकूल बनाया है। यहां अलग-अलग हॉस्टल की व्यवस्था की गई है, जिसमें लड़के और लड़कियों के लिए अलग-अलग सुविधाएं होती हैं। इसके अलावा, भारतीय भोजन की सुविधा, सांस्कृतिक समावेशन के लिए डिपार्टमेंट और सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम — जैसे 24x7 सीसीटीवी और नियमित पुलिस गश्त — छात्रों और उनके परिवारों को मानसिक रूप से सुरक्षित महसूस कराते हैं।

डिग्री की वैश्विक मान्यता

रूस से प्राप्त MBBS डिग्री अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त होती है, जिससे छात्रों को भारत ही नहीं, बल्कि अमेरिका, ब्रिटेन जैसे देशों में भी करियर बनाने के अवसर मिलते हैं। यह वैश्विक स्वीकार्यता छात्रों के लिए एक बड़ा प्लस पॉइंट है।

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